- पंचायत चुनाव के पूर्व अति पिछड़ों
को मिले अलग आरक्षण - पूंजी पलायन पर रोक, रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य पर बजट बढाएं सरकार
- सड़क से सरकार और सदन का ध्यान आकर्षण कराया रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान ने
लखनऊ, 17 फरवरी 2026, पंचायत चुनाव के पूर्व अति पिछड़े वर्ग के अलग आरक्षण कोटा, प्रदेश में कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करने, प्रदेश से हो रहे पूंजी के पलायन पर रोक लगाने, रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य पर बजट बढ़ाने, हर प्रदेश में सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की लूट पर रोक लगाने और आदिवासी कोल को जनजाति का दर्जा देने व जनगणना में आदिवासी धर्म कालम को जोड़ने की मांगों पर रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान ने विधानसभा मार्च कर सड़क से सरकार व सदन का ध्यान आकर्षण कराया। अभियान की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भेजा गया। आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे एआईपीएफ के प्रदेश सचिव डॉ बृज बिहारी की सीतापुर में नजरबंदी की निंदा की गई। आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अभियान के संयोजक बाबूराम पाल, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, भागीदारी मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामधनी बिंद, रोजगार अधिकार अभियान के अर्जुन प्रसाद, किसान मंच के अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह, कमलेश कुमार पाल, एआईपीएफ नेत्री शगुफ्ता यासमीन आदि ने किया।
पत्रक में कहा गया कि प्रदेश के सीएम और सभी विपक्षी दलों को बार-बार मांग पत्र सौंपने के बावजूद सदन में जन मुद्दों को ना उठाने के कारण आज ध्यान आकर्षण कार्यक्रम करने के लिए हम मजबूर हुए हैं। यदि अभी भी सुनवाई नहीं हुई तो 10 मार्च से ईको गार्डन में डेरा डाला जाएगा।
मुख्यमंत्री को प्रेषित मांग पत्र में कहा गया कि प्रदेश में कर्पूरी ठाकुर आरक्षण फार्मूला को लागू कर ओबीसी आरक्षण के अंदर अति पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने में राज्य सरकार के समक्ष कोई भी संवैधानिक और न्यायिक बाधा नहीं है। इसलिए सरकार को कर्पूरी ठाकुर फार्मूला तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए। भेदभाव के शिकार पांच समूह दलित, आदिवासी, अति पिछड़ा, पसमांदा मुसलमान और महिलाओं के प्रतिनिधित्व के साथ-साथ संसाधनों में उनके अधिकार को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मांग पत्र में कहा गया कि प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। जितना बजट बनता है लगभग उतना ही कर्ज प्रदेश पर है। यहां तक की भारत सरकार द्वारा जो बजट बनाया गया उसमें प्रदेश की हिस्सेदारी को कम कर दिया गया। प्रदेश की 50 प्रतिशत बैंकों में जमा पूंजी उन्नत प्रदेशों में पलायन कर रही है। इस पूंजी को यहां लगाना चाहिए और शिक्षा-स्वास्थ्य व रोजगार के बजट को बढ़ाना चाहिए। साथ ही प्रदेश के सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों पर अभिलंब भर्ती की घोषणा करनी चाहिए। गांव में आधुनिक सूदखोरी और शोषण का केंद्र बनी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नियमन हेतु कानून बनाया जाए। पत्रक में आदिवासियों के साथ हो रहे हैं अन्याय पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि प्रदेश में लाखों कोल आदिवासी को जनजाति का दर्जा दिया जाए और जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को शामिल किया जाए। आज के इस कार्यक्रम में युवा मंच के जैनुल आब्दीन, कुली मोर्चा के राम सुरेश यादव, राकेश सिंह, कपिल देव बिंद, सर्वेश कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह पाल, जितेंद्र कुमार, रमेश चंद बिंद, राधेश्याम कनौजिया, इंद्रप्रकाश बौद्ध, राम पाल, अमर पाल, विजय बहादुर निषाद, रामकरण पाल, आकाश पाल, पर्वत सिंह, दिनेश कुमार पाल, हरिराम पाल, अंकित, अंकुर पाल समेत सैकड़ो लोगों ने भागीदारी की।
भवदीय
बाबूराम पाल
राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय उदय पार्टी
व संयोजक रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश।
9324087214
THANKS FOR READING UPDATED NEWS. WE HOPE YOU ARE SUFFICIENT TO AND AGREE WITH TRULY INFORMATION ABOUT BLOG AND WEBSITE सड़क समाचार (roadwaynews.com) WRITE IF ANY COMMENTS INFO@ROADWAYNEWS.COM
Discover more from सड़क समाचार
Subscribe to get the latest posts sent to your email.





