अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन (AIRWO)

अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन (AIRWO)

उन्नाव की पीड़िता के न्याय के लिए और घोर महिला विरोधी फासिस्ट मोदी सरकार द्वारा पीड़िता के साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ एकजुट संघर्ष का किया आह्वान

अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन (AIRWO) ने BJP के MLA कुलदीप सिंह सेंगर के भयानक रेप और मर्डर केस में, दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सेंगर की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड की तीव्र निंदा की है। साथ ही फासिस्ट मनुवादी घोर महिला विरोधी मोदी सरकार की पुलिस द्वारा उन्नाव की पीड़िता और उनके साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे जन आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की भी घोर भर्त्सना की है।
सेंगर को न सिर्फ़ 4 जून 2017 को UP के उन्नाव ज़िले के माखी गाँव में एक नाबालिग पीड़िता के साथ रेप करने का दोषी ठहराया गया है, बल्कि पुलिस कस्टडी में उसके पिता की मौत का कारण बनने के एक और मामले में भी दोषी ठहराया गया है। रेप तब हुआ जब लड़की सेंगर के घर नौकरी के लिए गई थी, जो वह कथित तौर पर ऑफर कर रहा था।
विदित हो कि रेप के बाद, नाबालिग पीड़िता पुलिस में केस की रिपोर्ट भी नहीं कर सकी क्योंकि कुलदीप सेंगर और उसके गुंडा साथियों ने उसे और उसके परिवार को धमकियाँ दीं। उसके पिता पर खुलेआम हमला किया गया और उन्हें पीटा गया और फिर पीटने वाले लोगों के बजाय संरक्षण के झूठे इल्ज़ामों में जेल भेज दिया गया। मारपीट इतनी बुरी तरह हुई कि सेंगर, उसके भाई और उसके साथियों के कहने पर पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में बिना इलाज के मौत हो गई। जब उसने केस की रिपोर्ट की, तो पुलिस FIR लिखने को तैयार नहीं थी क्योंकि कुलदीप सिंह सेंगर MLA थे और इलाके में उनका बहुत असर और पावर था। FIR दर्ज होने से पहले पीड़िता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर पर आत्मदाह करने की धमकी देनी पड़ी। सेंगर के जेल में रहने के दौरान भी सेंगर और उसके साथियों ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकाया। उन्हें प्रोटेक्शन के लिए अप्लाई करना पड़ा और कोर्ट ने उन्हें CRPF प्रोटेक्शन दी, जिसने केस को CBI को ट्रांसफर कर दिया और केस को UP से बाहर दिल्ली में ट्रायल के लिए शिफ्ट कर दिया। इस सब के दौरान, सेंगर और उसके साथियों ने पीड़िता और उसके परिवार को केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। सेंगर के पास जेल में सेल फोन सहित सभी सुविधाएं थीं। उसके बाद पीड़िता और उसके वकील की जान लेने की कोशिश की गई, जब वह अपनी मौसियों के साथ जेल में एक चाचा से मिलने जा रही थी। एक लॉरी आई और जिस कार में वे जा रहे थे, उससे टकरा गई, और उसकी मौसी की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। CRPF की जो सुरक्षा पीड़िता के साथ होनी चाहिए थी, वह उसके साथ नहीं थी। दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। ट्रायल कोर्ट ने CBI द्वारा सही जांच न करने पर भी ध्यान दिया। सेंगर को पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था।हाईकोर्ट ने सेंगर को निर्देश दिया गया कि वह पीड़िता के रहने की जगह के 5 km के दायरे में न आए। अपील करने वाले को निर्देश दिया गया है कि वह अपील के पेंडिंग रहने के दौरान दिल्ली में रहे।

AIRWO का कहना है कि यह घटना,दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने फासीवादी संगठन RSS के पिछले 11 साल से भी अधिक समय से जारी अघोषित हिंदुराष्ट्र के राज में गुजरात की बिल्किस बानो मामले के हत्यारे दंगाई बलात्कारियों की रिहाई और सार्वजनिक सम्मान,बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं की यौन प्रताड़ना के अपराधी भगवा गिरोह के सदस्यों की रिहाई और सार्वजनिक सम्मान तथा बलात्कारी दुर्दांत अपराधी राम रहीम व आशाराम बापू की जमानत पर रिहाई जैसे मामलों की निरंतरता में ही एक कड़ी है।यह केवल एक बहुत ही खतरनाक मिसाल है यह बताने के लिए कि फासिस्ट संघ परिवार जिस क्रूर मनुस्मृति आधारित हिंदुराष्ट्र परियोजना निर्माण के लिए देश भर में हिंसक मुहिम चला रहा है उसमें महिलाओं की हालत कैसी होगी।क्योंकि संघी फासीवादियों के हिंदुराष्ट्र के पवित्र संविधान मनुस्मृति के अनुसार नारियां भोग की वस्तु हैं और उन्हें मानव का दर्जा नहीं दिया जा सकता।उन्नाव की पीड़िता को आज तक न्याय न मिलना और कुलदीप सेंगर जैसे भगवा गिरोह के महिला उत्पीड़कों हत्यारों को मनुस्मृति के अनुसार कैद से रिहाई हो जाती है और बलात्कार यौन उत्पीड़न के शिकार व्यक्तियों को और भी प्रताड़ना सहना पड़ता है।आज तक संघ भाजपा के किसी भी नेता या प्रवक्ता ने उपरोक्त घटना के विरोध में एक शब्द नहीं कहा।

AIRWO की महासचिव एम सेल्वी ने तमाम प्रगतिशील महिला संगठनों से कुलदीप सेंगर की सज़ा के इस गलत सस्पेंशन के खिलाफ, पीड़िता को समुचित इंसाफ दिलाने के लिए और फासिस्ट मनुवादी ब्राम्हणवादी मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

एम सेल्वी
महासचिव
अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन (AIRWO )
28 दिसंबर 2025

group of women standing near desk
Photo by Christina Morillo on Pexels.com

THANKS FOR READING UPDATED NEWS. WE HOPE YOU ARE SUFFICIENT TO AND AGREE WITH TRULY INFORMATION ABOUT BLOG AND WEBSITE सड़क समाचार (roadwaynews.com) WRITE IF ANY COMMENTS INFO@ROADWAYNEWS.COM


Discover more from सड़क समाचार

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Optimized by Optimole
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
×