कॉरपोरेटवाद को हिंदुत्व फासीवाद से जोड़ने में नवउदारवादी विशेषज्ञों की भूमिका
मोदी शासन की भूमिका—एक ओर कॉरपोरेट पूँजी का सुविधादाता बनने और दूसरी ओर बहुसंख्यकवादी हिंदू राष्ट्र की ओर उन्मादी रफ्तार से बढ़ने की—धीरे-धीरे अभूतपूर्व धुर दक्षिणपंथी राजनीतिक-आर्थिक आयाम ग्रहण कर रही है। इसी दिशा में एक उल्लेखनीय क़दम, जो आरएसएस के ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ के साथ पूरी तरह संगत में है, संसद और राज्य विधानसभाओं के…





